- Bhumi Satish Pednekkar: Successfully Balancing Commercial Entertainers & Content-Driven Cinema
- केयर सीएचएल हॉस्पिटल इंदौर में 49 वर्षीय महिला के इन्सीजनल हर्निया का लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से हुआ उपचार
- Producer Ashwin Varde hits back at Paresh Rawal calling him ‘unprofessional’, says Rawal tried to steal OMG 2 from Akshay Kumar
- ओएमजी-2 के निर्माता अश्विन वर्दे ने फिल्म को लेकर सामने आए विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और परेश रावल के हालिया पॉडकास्ट में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत, निराधार और चौंकाने वाला बताया है।
- From Everyday Moments to Real Emotions: Why Bhumi Satish Pednekkar Is So Relatable
2022 तक औद्योगिक क्लस्टर प्रारंभ करना शासन का लक्ष्यः सकलेचा
क्लस्टर विकासकर्ताओं एवं उद्योगपतियों हेतु एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
इंदौर. मध्यप्रदेश शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा शुक्रवार को स्थानीय क्लस्टर विकासकर्ताओें और उद्योगपतियों के लिये एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन होटल रेडिसन ब्लू में किया गया. कार्यशाला का शुभारंभ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने किया. इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के सचिव एवं उद्योग आयुक्त पी. नरहरि, प्रबंध संचालक ऊर्जा विकास निगम विवेक पोरवाल, एआईएमपी के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया, मप्र भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक योगेश मेहता, जनप्रतिनिधिगण तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे.
कार्यशाला में मंत्री श्री सकलेचा ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है। हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी कनेक्टिविटी है। हमारी स्ट्रैटेजिक लोकेशन हमें देश का प्रोडक्शन एवं लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य है कि 2022 तक सभी औद्योगिक क्लस्टर प्रारंभ कर दिए जाए. आज की इस कार्यशाला में हम नई सोच, सुझाव एवं संकल्पों के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने की दिशा में चर्चा करेंगे और मध्य प्रदेश को औद्योगिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयां दिलाने का संकल्प लेंगे.
उद्योगपति को रोजगार प्रदाता संबोधित करें
मंत्री श्री सकलेचा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में एक नया परिवर्तन देखने को मिल रहा है. उद्योगपितयों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश में क्लस्टर विकास के माध्यम से उत्पादन की लागत कम किये जाने के प्रयास किये जा रहे है. क्लस्टर विकास योजना में सबसे अहम भूमिका निवेशकों की है क्योंकि जो आज तक कहीं नहीं हुआ. वह हमारे प्रदेश में होने जा रहा है जहां उद्यमी स्वयं निवेश कर अविकसित भूमि पर क्लस्टर बनाकर उत्पादन करना चाहते हैं. निवेशक न केवल उद्यमी है वरन् वह जॉब प्रोवाईडर है, मैं उद्योगपति को अब जॉब प्रोवाइडर ही संबोधित करूंगा. हमारा प्रयास हो की हम हर जगह अब से उद्योगपतियों को रोजगार प्रदाता के रूप में संबोधित करें.
इंदौर में 150 एकड़ में बनेगा लॉजिस्टिक हबः लालवानी
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जिस तरह का वातावरण उपलब्ध कराया है उससे हमें एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है. मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए इज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कनेक्टिविटी अच्छी होने के कारण निवेश की संभावनाएं भी बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि जल्द ही इंदौर में 150 एकड़ की भूमि में लॉजिस्टिक हब बनाया जाएगा जिससे इंदौर के औद्योगिक विकास को एक नई गति प्राप्त हो सकेगी.
विभाग की गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के सचिव एवं उद्योग आयुक्त पी. नरहरि ने कहा कि आज की कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है कि एमएसएमई से संबंधित गतिविधियों के बारे में उद्योगपतियों से चर्चा की जा सके. आगे आने वाले समय में मध्यप्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप इस विभाग की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा और प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र को अधिक बेहतर बनाया जाएगा.
क्लस्टर डेवलपमेंट में नई तेजी देखने को मिली
प्रबंध संचालक ऊर्जा विकास निगम विवेक पोरवाल ने कहा कि प्रदेश में क्लस्टर डेवलपमेंट में एक नई तेजी देखने को मिली है. शासन द्वारा प्रदान किए जा रहे पॉलिसी फ्रेमवर्क के तहत अब उद्यमी उन्नत कौशल और दक्षताओं के साथ गुणवत्तापूर्ण विकास का अनुभव कर रहे है. कार्यशाला के दौरान विभिन्न उद्यमियों द्वारा क्लस्टर निर्माण के संबंध में जानकारी दी गयी तथा फर्निचर, टॉय, प्लास्टिक, स्टोन आदि क्लस्टर एवं क्लीन एनर्जी के संबंध में पीपीटी के माध्यम से प्रेजेनटेशन भी दिया गया.


